एससीओ बैठक से पहले बोले मोदी विचारों के आदान-प्रदान को उत्सुक


 












भाषा / नई दिल्ली September 15, 2022






शांघाई शिखर सम्मेलन (एससीओ) में भाग लेने के लिए समरकंद रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि वह समूह के अंदर मौजूदा मुद्दों, विस्तार और सहयोग को आगे बढ़ाने के बारे में विचारों के आदान-प्रदान को लेकर उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ईरानी नेता इब्राहिम रईसी सहित अन्य नेताओं के साथ एससीओ के वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर वहां का दौरा कर रहे हैं। उज्बेकिस्तान एससीओ का मौजूदा अध्यक्ष है। 

मोदी ने रवाना होने से पहले एक बयान में कहा, ‘एससीओ शिखर सम्मेलन में, मैं मौजूदा, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, एससीओ के विस्तार एवं संगठन के भीतर बहुआयामी तथा परस्पर लाभकारी सहयोग को और गहरा करने के लिए विचारों के आदान-प्रदान को लेकर उत्सुक हूं।’ उन्होंने कहा, ‘उज्बेक अध्यक्षता में व्यापार, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्रों में परस्पर सहयोग के लिए कई निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि वह राष्ट्रपति मिर्जियोयेव से मिलने को भी उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे 2018 की उनकी भारत यात्रा याद है। उन्होंने 2019 में वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में विशेष अतिथि के रूप में भी भाग लिया था। इसके अलावा, मैं शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले कुछ अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करूंगा।’

एससीओ की बैठक में व्यापार, ऊर्जा व क्षेत्रीय सहयोग सहित विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ संभावित बैठक के बारे में अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। प्रधानमंत्री मोदी और चिनफिंग के बीच बैठक की संभावना के बारे पूछे जाने पर विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने सिर्फ इतना कहा कि एससीओ की बैठक आगे बढ़ने के साथ ही वह प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री की भागीदारी से स्पष्ट होता है कि भारत एससीओ और उसके लक्ष्यों को कितना महत्त्व देता है। यूक्रेन पर रूसी आक्रमण और ताइवान जलडमरूमध्य में चीन के आक्रामक सैन्य रुख के कारण भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच 8 देशों के इस प्रभावशाली समूह का सम्मेलन हो रहा है। क्वात्रा ने कहा, ‘हमें एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रासंगिक मुद्दों, व्यापार, संपर्क और क्षेत्रीय सहयोग पर चर्चा किए जाने की उम्मीद है।’ 

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